शुक्रवार(25th मार्च,2011) को लगभग शाम के चार बजे, सूर्य अभी चमक रहा था, कुवैत मे यकायक अंधेरा छा गया। इसका कारण था, धूल का बवंडर, जिसने पूरे शहर को अपने आगोश मे ले लिया। जो जहाँ था वहीं थम गया। शहर मे जनजीवन लगभग अस्त व्यस्त हो गया।
कुवैत एयरपोर्ट भी इससे अछूता नही रहा, इस बवंडर के कारण कई विमानों को अपना मार्ग बदलना पड़ा।
जिसने भी इस बवंडर को देखा उसे सूनामी की याद आ गयी। लीजिए आप भी देखिए इस बवंडर के कुछ फोटो और वीडियो:

ये रहे कुछ वीडियो:











6 responses to “कुवैत मे धूल की सुनामी”
नये तरह के घर देखकर अच्छा लगा।
ओह ! अविश्वसनीय !
सच में अविश्वसनीय!
गल्फ़ मे एसा हमने कई बार झेला है। सांस लेने मे दिक्कत होती है और गर्म हवाओं से झुपने केलिए इमारतों के पीछे छुपना होता है।ड
भाई जी ये ऊपर से दूसरे नम्बर के वीडियो में जो टावर दिख रहा है बड़ा शानदार है।
जीतू जी,
आरज़ू चाँद सी निखर जाए,
जिंदगी रौशनी से भर जाए,
बारिशें हों वहाँ पे खुशियों की,
जिस तरफ आपकी नज़र जाए।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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ब्लॉग समीक्षा की 32वीं कड़ी..
पैसे बरसाने वाला भूत!