अभी अभी होली की पार्टी से लौटा हूँ, आज उपकार संस्था का होली मिलन था। होली मिलन की खबरें कल दूंगा। आते ही मैने बीबीसी हिन्दी की साइट देखी। एक शानदार लेख पढने को मिला कराची में बस लूट का आँखों देखा हाल बहुत सही है, हालांकि कुछ फिल्टर किया हुआ है, यानि गाली गलौच हटा दिया गया है।भारत हो या पाकिस्तान स्थितियां लगभग एक जैसी है। लेख पढकर मेरी यादें ताजा हो गयी,मुझे याद आ गया, दिल्ली मे बस लुटने की कहानी, जिसमे मै भी एक यात्री था, इसकी भी कहानी कल सुनाउंगा, तब तक आप वो लेख जरुर पढ लें। आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं (अब शुकुल ये मत पूछने लग जाना कि कब तक होली मनाओगे? अमां कानपुरी हूँ, हफ़्ता भर तो मनाएंगे ही ना)
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One response to “तीसरी बार लुटी है”
वास्तव में बहुत रोचक रिपोर्ट है। कड़ी के लिए धन्यवाद।