अब जैसे जैसे हिन्दी चिटठो की संख्य बढती जा रही है, मुझे लगता है कि कोई मेरे को ब्लाग पढकर सुनाये. यानि कि आटोमेटिक पाडकास्टिन्ग. अभी तक तो सिर्फ़ ये मेरे दिमाग की खुराफ़ात थी, लेकिन कुछ बन्दों ने इसे सचमुच कर दिखाया है. विश्वास नही होता….. आप खुद ही देख लीजियेना…
एक बुरी खबर पहले सुन लीजिये…..अभी ये सेवा सिर्फ़ अँग़्रेजी भाषा के ब्लाग के लिये है. हिन्दी वाले या तो इन्तज़ार करें या फ़िर अपना खुद का बना लें.









2 responses to “आओ ब्लाग सुने”
जीतू भाई,
टाकर के बारे में पहले सुना था, पर आप की प्रविष्टि ने प्रयोग करने को उकसाया। धन्यवाद। तो यह लीजिए हमारे अंग्रेज़ी चिट्ठे को सुनिए। http://www.kaulonline.com/blog/?p=7 के अन्त में Listen to this article
पर क्लिक कीजिए।
– रमण कौल
ज़ीतू भाई, जरा इसे आजमाइये.
http://shashisingh.blogmatrix.com/